पैराक्वाट हर्बिसाइड (Paraquat Herbicide) के उपयोग और 2026 की नई गाइडलाइन्स: किसानों के लिए अनिवार्य जानकारी
जुलाई 2026 तक, भारतीय कृषि क्षेत्र में खरपतवार प्रबंधन एक चुनौतीपूर्ण मोड़ पर है। पैराक्वाट डाइक्लोराइड 24% SL, जो अपने त्वरित प्रभाव के लिए जाना जाता है, इस मानसून सीजन में किसानों की पहली पसंद बना हुआ है। हालांकि, इसकी उच्च विषाक्तता और बढ़ते पर्यावरणीय सरोकारों के कारण, केंद्र सरकार और कृषि मंत्रालयों ने इसके उपयोग पर कड़े सुरक्षा मानक लागू किए हैं। आज की तारीख, 26 जुलाई 2026 तक, पैराक्वाट का उपयोग केवल विशिष्ट फसलों और नियंत्रित परिस्थितियों में ही मान्य है।
| मुख्य विवरण | तकनीकी विशिष्टता (2026) |
|---|---|
| रासायनिक समूह | बाइपायरिडिलियम (Bipyridylium) |
| उपयोग का प्रकार | गैर-चयनात्मक संपर्क हर्बिसाइड (Non-selective Contact) |
| प्रमुख फसलें | चाय, रबर, कपास, चावल, और मक्का |
| विषाक्तता श्रेणी | श्रेणी-1 (अत्यधिक विषैला - नीला लेबल) |
| प्रभावी समय | छिड़काव के 1-2 घंटे के भीतर परिणाम |
| सुरक्षा मानक | अनिवार्य पीपीई (PPE) किट और लाइसेंसिंग |
पैराक्वाट का महत्व और भारतीय कृषि में इसकी भूमिका
पैराक्वाट एक अत्यधिक प्रभावी हर्बिसाइड है जो पौधों के हरे ऊतकों के संपर्क में आते ही उन्हें नष्ट कर देता है। 2026 में 'जीरो-टिलेज' (बिना जुताई वाली खेती) के बढ़ते चलन के कारण इसकी मांग में 15% का इजाफा देखा गया है। यह खरपतवारों की कोशिका झिल्ली को तोड़कर प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया को तुरंत रोक देता है, जिससे कुछ ही घंटों में खरपतवार सूखने लगते हैं।
भारतीय किसानों के लिए पैराक्वाट का सबसे बड़ा लाभ इसकी 'रेन-फास्टनेस' है। मानसूनी बारिश के दौरान, यदि छिड़काव के 30 मिनट बाद भी बारिश होती है, तो भी इसकी प्रभावशीलता कम नहीं होती। यह विशेषता इसे जुलाई के महीने में होने वाली अनिश्चित वर्षा के बीच एक विश्वसनीय विकल्प बनाती है। विशेष रूप से चाय के बागानों और कपास की कतारों के बीच उगी घास को साफ करने के लिए इसका कोई दूसरा प्रभावी विकल्प फिलहाल बाजार में उपलब्ध नहीं है।
प्रमुख उपयोग और फसलों पर प्रभाव
पैराक्वाट का उपयोग मुख्य रूप से उन क्षेत्रों में किया जाता है जहाँ खरपतवारों का घनत्व बहुत अधिक होता है। 2026 के कृषि डेटा के अनुसार, इसका उपयोग निम्नलिखित स्थितियों में सबसे प्रभावी पाया गया है:
- फसल पूर्व तैयारी: बुवाई से पहले खेत को पूरी तरह खरपतवार मुक्त करने के लिए पैराक्वाट का 'प्री-प्लांट बर्नडाउन' के रूप में उपयोग किया जाता है।
- चाय और रबर बागान: यहाँ यह बारहमासी खरपतवारों के नियंत्रण के लिए मुख्य आधार है। यह जड़ों को नुकसान पहुँचाए बिना केवल ऊपरी अनचाही वनस्पति को नष्ट करता है।
- कपास और गन्ने में कतार प्रबंधन: फसलों की कतारों के बीच उगे खरपतवारों को हटाने के लिए हुडेड स्प्रेयर के साथ इसका उपयोग किया जाता है।
- आलू की कटाई से पहले: आलू की बेलों को सुखाने (Desiccation) के लिए ताकि कंदों की त्वचा सख्त हो सके और कटाई आसान हो।
हालांकि, इसका उपयोग करते समय अत्यधिक सावधानी की आवश्यकता होती है क्योंकि यह एक गैर-चयनात्मक शाकनाशी है। यदि इसकी बूंदें मुख्य फसल के पत्तों पर गिरती हैं, तो वह फसल को भी गंभीर नुकसान पहुँचा सकती हैं। इसलिए, विशेषज्ञों द्वारा निर्देशित नोजल और लो-प्रेशर स्प्रेयर का उपयोग अनिवार्य किया गया है।
Paraquat Herbicide Attorney Houston, TX | Perdue & Kidd
2026 के नए सुरक्षा प्रोटोकॉल और भविष्य
जुलाई 2026 में लागू हुए नए नियमों के अनुसार, अब कोई भी बिना लाइसेंस वाला विक्रेता या अप्रशिक्षित व्यक्ति पैराक्वाट का छिड़काव नहीं कर सकता। सरकार ने 'स्मार्ट एग्री-कार्ड' के माध्यम से इसकी बिक्री को ट्रैक करना अनिवार्य कर दिया है। इसके पीछे मुख्य कारण पैराक्वाट की उच्च विषाक्तता है, जिसका कोई ज्ञात मारक (Antidote) नहीं है।
सुरक्षा संबंधी अनिवार्य निर्देश:
- पीपीई किट (PPE Kit): छिड़काव के दौरान मास्क, दस्ताने, चश्मा और रबर के जूते पहनना कानूनन अनिवार्य है।
- मिश्रण प्रक्रिया: दवा को घोलते समय सीधे संपर्क से बचने के लिए स्वचालित मिक्सिंग सिस्टम का सुझाव दिया गया है।
- भंडारण: इसे बच्चों और पशुओं की पहुंच से दूर, डबल-लॉक अलमारी में रखना आवश्यक है।
भविष्य की ओर देखें तो, पैराक्वाट के विकल्पों पर शोध तेज हो गया है। कई एग्रो-केमिकल कंपनियां जैविक विकल्पों और कम विषैले रसायनों पर काम कर रही हैं। हालांकि, लागत और प्रभावशीलता के मामले में पैराक्वाट अभी भी शीर्ष पर है। आने वाले वर्षों में, इसके उपयोग को केवल ड्रोन-आधारित छिड़काव तक सीमित करने की चर्चा चल रही है ताकि मानव संपर्क को न्यूनतम किया जा सके। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे केवल पंजीकृत ब्रांड्स का ही उपयोग करें और एक्सपायरी डेट की जांच अवश्य करें।
